(चाणक्य नीति श्लोक) Chanakya Niti Shlokas – Chapter 4 (19 Slokas)

(चाणक्य नीति श्लोक) Chanakya Niti Shlokas – Chapter 4 (19 Slokas)

Chanakya Niti Shlokas with Meaning:This is the Fourth chapter (अध्याय ४) of Chanakya Neeti (चाणक्य नीति) written by Acharya Chanakya Pandit, in which there are 19 shlokas. The slokas in Sanskrit, the meaning of shlokas and translation of all slokas in Hindi, English(चाणक्य नीति श्लोक अर्थ सहित). Here you can find Chanakya Neeti sastra shlokas in Sanskrit, Hindi, and find videos too. (चाणक्य नीति श्लोक संस्कृत में, चाणक्य नीति श्लोक हिंदी में, चाणक्य नीति श्लोक वीडियो). Download Chanakya Neeti Chapter 4 PDF in Sanskrit, Hindi, and English with meaning from here.

Chanakya Niti Shlokas (चाणक्य नीति श्लोक)

आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च ।
पञ्चैतानि हि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 1)

Meaning in English

These five: the life-span, the type of work, wealth, learning and the time
of one’s death are determined while one is in the womb.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

निम्नलिखित बातें माता के गर्भ में ही निश्चित हो जाती है…. १. व्यक्ति कितने साल जियेगा २. वह किस प्रकार का काम करेगा ३. उसके पास कितनी संपत्ति होगी ४. उसकी मृत्यु कब होगी .

साधुभ्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रमित्राणि बान्धवाः ।
ये च तैः सह गन्तारस्तद्धर्मात्सुकृतं कुलम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok2)

Meaning in English

Offspring, friends and relatives flee from a devotee of the Lord: yet
those who follow him bring merit to their families through their
devotion.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है

दर्शनध्यानसंस्पर्शैर्मत्सी कूर्मी च पक्षिणी ।
शिशुं पालयते नित्यं तथा सज्जन-संगतिः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 3)

Meaning in English

As long as your body is healthy and under control and death is distant,
try to save your soul; when death is immanent what can you

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जैसे मछली दृष्टी से, कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चो को पालते है, वैसे ही संतजन पुरुषों की संगती मनुष्य का पालन पोषण करती है.

यावत्स्वस्थो ह्ययं देहो यावन्मृत्युश्च दूरतः ।
तावदात्महितं कुर्यात्प्राणान्ते किं करिष्यति ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok4)

Meaning in English

As long as your body is healthy and under control and death is distant,
try to save your soul; when death is immanent what can you do?

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है

कामधेनुगुणा विद्या ह्यकाले फलदायिनी ।
प्रवासे मातृसदृशी विद्या गुप्तं धनं स्मृतम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 5)

Meaning in English

Learning is like a cow of desire. It, like her, yields in all seasons. Like a
mother, it feeds you on your journey. Therefore learning is a hidden
treasure.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है. वह विदेश में माता के समान रक्षक अवं हितकारी होती है. इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.

एकोऽपि गुणवान्पुत्रो निर्गुणेन शतेन किम् ।
एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च ताराः सहस्रशः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 6)

Meaning in English

A single son endowed with good qualities is far better than a hundred
devoid of them. For the moon, though one, dispels the darkness, which
the stars, though numerous, can not.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है. वह विदेश में माता के समान रक्षक अवं हितकारी होती है. इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.

मूर्खश्चिरायुर्जातोऽपि तस्माज्जातमृतो वरः ।
मृतः स चाल्पदुःखाय यावज्जीवं जडो दहेत् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok7)

Meaning in English

A still-born son as superior to a foolish son endowed with a long life.
The first causes grief for but a moment while the latter like a blazing
fire consumes his parents in grief for life.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

एक ऐसा बालक जो जन्मते वक़्त मृत था, एक मुर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है. पहला बालक तो एक क्षण के लिए दुःख देता है, दूसरा बालक उसके माँ बाप को जिंदगी भर दुःख की अग्नि में जलाता है.

कुग्रामवासः कुलहीनसेवा
कुभोजनं क्रोधमुखी च भार्या ।
पुत्रश्च मूर्खो विधवा च कन्या
विनाग्निना षट्प्रदहन्ति कायम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 8)

Meaning in English

Residing in a small village devoid of proper living facilities, serving a
person born of a low family, unwholesome food, a frowning without fire.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

निम्नलिखित बाते व्यक्ति को बिना आग के ही जलाती है… १. एक छोटे गाव में बसना जहा रहने की सुविधाए उपलब्ध नहीं. २. एक ऐसे व्यक्ति के यहाँ नौकरी करना जो नीच कुल में पैदा हुआ है. ३. अस्वास्थय्वर्धक भोजन का सेवन करना. ४. जिसकी पत्नी हरदम गुस्से में होती है. ५. जिसको मुर्ख पुत्र है. ६. जिसकी पुत्री विधवा हो गयी है.

किं तया क्रियते धेन्वा या न दोग्ध्री न गर्भिणी ।
कोऽर्थः पुत्रेण जातेन यो न विद्वान् न भक्तिमान् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 9)

Meaning in English

What good is a cow that neither gives milk nor conceives? Similarly,
what is the value of the birth of a son if he becomes neither learned nor
a pure devotee of the Lord?

Meaning in Hindi (भावार्थ )

वह गाय किस काम की जो ना तो दूध देती है ना तो बच्चे को जन्म देती है. उसी प्रकार उस बच्चे का जन्म किस काम का जो ना ही विद्वान हुआ ना ही भगवान् का भक्त हुआ.

संसारतापदग्धानां त्रयो विश्रान्तिहेतवः ।
अपत्यं च कलत्रं च सतां सङ्गतिरेव च ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 10)

Meaning in English

When one is consumed by the sorrows of life, three things give him
relief: offspring, a wife, and the company of the Lord’s devotees.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जब व्यक्ति जीवन के दुःख से झुलसता है उसे निम्नलिखित ही सहारा देते है… १. पुत्र और पुत्री २. पत्नी ३. भगवान् के भक्त.

सकृज्जल्पन्ति राजानः सकृज्जल्पन्ति पण्डिताः ।
सकृत्कन्याः प्रदीयन्ते त्रीण्येतानि सकृत्सकृत् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 11)

Meaning in English

Kings speak for once, men of learning once, and the daughter is given
in marriage once. All these things happen once and only once.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

यह बाते एक बार ही होनी चाहिए.. १. राजा का बोलना. २. बिद्वान व्यक्ति का बोलना. ३. लड़की का ब्याहना.

एकाकिना तपो द्वाभ्यां पठनं गायनं त्रिभिः ।
चतुर्भिर्गमनं क्षेत्रं पञ्चभिर्बहुभी रणः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 12)

Meaning in English

Religious austerities should be practiced alone, study by two, and
singing by three. A journey should be undertaken by four, agriculture
by five, and war by many together.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जब आप तप करते है तो अकेले करे. अभ्यास करते है तो दुसरे के साथ करे. गायन करते है तो तीन लोग करे. कृषि चार लोग करे. युद्ध अनेक लोग मिलकर करे.

सा भार्या या शुचिर्दक्षा सा भार्या या पतिव्रता ।
सा भार्या या पतिप्रीता सा भार्या सत्यवादिनी ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 13)

Meaning in English

She is a true wife who is clean (suci), expert, chaste, pleasing to the
husband, and truthful.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

वही अच्छी पत्नी है जो शुचिपूर्ण है, पारंगत है, शुद्ध है, पति को प्रसन्न करने वाली है और सत्यवादी है.

अपुत्रस्य गृहं शून्यं दिशः शून्यास्त्वबान्धवाः ।
मूर्खस्य हृदयं शून्यं सर्वशून्या दरिद्रता ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 14)

Meaning in English

The house of a childless person is a void, all directions are void to one
who has no relatives, the heart of a fool is also void, but to a poverty
stricken man all is void.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जिस व्यक्ति के पुत्र नहीं है उसका घर उजाड़ है. जिसे कोई सम्बन्धी नहीं है उसकी सभी दिशाए उजाड़ है. मुर्ख व्यक्ति का ह्रदय उजाड़ है. निर्धन व्यक्ति का सब कुछ उजाड़ है.

अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे भोजनं विषम् ।
दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृद्धस्य तरुणी विषम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 15)

Meaning in English

Scriptural lessons not put into practice are poison; a meal is poison to
him who suffers from indigestion; a social gathering is poison to a
poverty stricken person; and a young wife is poison to an aged man.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जिस अध्यात्मिक सीख का आचरण नहीं किया जाता वह जहर है. जिसका पेट ख़राब है उसके लिए भोजन जहर है. निर्धन व्यक्ति के लिए लोगो का किसी सामाजिक या व्यक्तिगत कार्यक्रम में एकत्र होना जहर है.

त्यजेद्धर्मं दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।
त्यजेत्क्रोधमुखीं भार्यां निःस्नेहान्बान्धवांस्त्यजेत् ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 16)

Meaning in English

That man who is without religion and mercy should be rejected. A guru
without spiritual knowledge should be rejected. The wife with an
offensive face should be given up, and so should relatives who are
without affection.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

जिस व्यक्ति के पास धर्म और दया नहीं है उसे दूर करो. जिस गुरु के पास अध्यात्मिक ज्ञान नहीं है उसे दूर करो. जिस पत्नी के चेहरे पर हरदम घृणा है उसे दूर करो. जिन रिश्तेदारों के पास प्रेम नहीं उन्हें दूर करो.

अध्वा जरा देहवतां पर्वतानां जलं जरा ।
अमैथुनं जरा स्त्रीणां वस्त्राणामातपो जरा ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 17)

Meaning in English

Constant travel brings old age upon a man; a horse becomes old by
being constantly tied up; lack of sexual contact with her husband brings
old age upon a woman; and garments become old through being left in
the sun.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

सतत भ्रमण करना व्यक्ति को बूढ़ा बना देता है. यदि घोड़े को हरदम बांध कर रखते है तो वह बूढा हो जाता है. यदि स्त्री उसके पति के साथ प्रणय नहीं करती हो तो बुढी हो जाती है. धुप में रखने से कपडे पुराने हो जाते है.

कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ ।
कश्चाहं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुहुः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 18)

Meaning in English

Consider again and again the following: the right time, the right friends,
the right place, the right means of income, the right ways of spending,
and from whom you derive your power.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

इन बातो को बार बार गौर करे… सही समय सही मित्र सही ठिकाना पैसे कमाने के सही साधन पैसे खर्चा करने के सही तरीके आपके उर्जा स्रोत.

अग्निर्देवो द्विजातीनां मुनीनां हृदि दैवतम् ।
प्रतिमा स्वल्पबुद्धीनां सर्वत्र समदर्शिनः ॥

Chanakya Niti (Chap. 4 – Shlok 19)

Meaning in English

For the twice-born the fire (Agni) is a representative of God. The
Supreme Lord resides in the heart of His devotees. Those of average
intelligence (alpa-buddhi or kanista-adhikari) see God only in His srimurti, but those of broad vision see the Supreme Lord everywhere.

Meaning in Hindi (भावार्थ )

द्विज अग्नि में भगवान् देखते है. भक्तो के ह्रदय में परमात्मा का वास होता है. जो अल्प मति के लोग है वो मूर्ति में भगवान् देखते है. लेकिन जो व्यापक दृष्टी रखने वाले लोग है, वो यह जानते है की भगवान सर्व व्यापी है.

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