(चाणक्य नीति श्लोक) Chanakya Niti Shlokas – Chapter 8 (23 Slokas)

(चाणक्य नीति श्लोक) Chanakya Niti Shlokas – Chapter 8 (23 Slokas)

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Chanakya Niti Shlokas (चाणक्य नीति श्लोक)

अधमा धनमिच्छन्ति धनमानौ च मध्यमाः ।
उत्तमा मानमिच्छन्ति मानो हि महतां धनम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 1)

Meaning in English

Low class men desire wealth; middle class men both wealth and
respect; but the noble, honour only; hence honour is the noble man’s
true wealth.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

नीच वर्ग के लोग दौलत चाहते है, मध्यम वर्ग के दौलत और इज्जत, लेकिन उच्च वर्ग के लोग सम्मान चाहते है क्यों की सम्मान ही उच्च लोगो की असली दौलत है.

इक्षुरापः पयो मूलं ताम्बूलं फलमौषधम् ।
भक्षयित्वापि कर्तव्याः स्नानदानादिकाः क्रियाः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 2)

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

दीपो भक्षयते ध्वान्तं कज्जलं च प्रसूयते ।
यदन्नं भक्षयते नित्यं जायते तादृशी प्रजा ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 3)

Meaning in English

The lamp eats up the darkness and therefore it produces lamp black; in
the same way according to the nature of our diet (sattva, rajas, or
tamas) we produce offspring in similar quality.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

दीपक अँधेरे का भक्षण करता है इसीलिए काला धुआ बनाता है. इसी प्रकार हम जिस प्रकार का अन्न खाते है. माने सात्विक, राजसिक, तामसिक उसी प्रकार के विचार उत्पन्न करते है.

वित्तं देहि गुणान्वितेषु मतिमन्नान्यत्र देहि क्वचित्
प्राप्तं वारिनिधेर्जलं घनमुखे माधुर्ययुक्तं सदा ।

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 4)

Meaning in English

O wise man! Give your wealth only to the worthy and never to others.
The water of the sea received by the clouds is always sweet. The rain
water enlivens all living beings of the earth both movable (insects,
animals, humans, etc.) and immovable (plants, trees, etc.), and then
returns to the ocean it value multiplied a million fold.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

हे विद्वान् पुरुष ! अपनी संपत्ति केवल पात्र को ही दे और दूसरो को कभी ना दे. जो जल बादल को समुद्र देता है वह बड़ा मीठा होता है. बादल वर्षा करके वह जल पृथ्वी के सभी चल अचल जीवो को देता है और फिर उसे समुद्र को लौटा देता है.

जीवान्स्थावरजंगमांश्च सकलान्संजीव्य भूमण्डलं
भूयः पश्य तदेव कोटिगुणितं गच्छन्तमम्भोनिधिम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 5)

Meaning in English

The wise who discern the essence of things have declared that the
yavana (meat eater) is equal in baseness to a thousand candalas the
lowest class), and hence a yavana is the basest of men; indeed there is
no one more base

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

विद्वान् लोग जो तत्त्व को जानने वाले है उन्होंने कहा है की मास खाने वाले चांडालो से हजार गुना नीच है. इसलिए ऐसे आदमी से नीच कोई नहीं.

चाण्डालानां सहस्रैश्च सूरिभिस्तत्त्वदर्शिभिः ।
एको हि यवनः प्रोक्तो न नीचो यवनात्परः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 6)

Meaning in English

After having rubbed oil on the body, after encountering the smoke from
a funeral pyre, after sexual intercourse, and after being shaved, one
remains a chandala until he bathes.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

शरीर पर मालिश करने के बाद, स्मशान में चिता का धुआ शरीर पर आने के बाद, सम्भोग करने के बाद, दाढ़ी बनाने के बाद जब तक आदमी नहा ना ले वह चांडाल रहता है.

तैलाभ्यङ्गे चिताधूमे मैथुने क्षौरकर्मणि ।
तावद्भवति चाण्डालो यावत्स्नानं न चाचरेत् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 7)

Meaning in English

Water is the medicine for indigestion; it is invigorating when the food
that is eaten is well digested; it is like nectar when drunk in the middle
of a dinner; and it is like poison when taken at the end of a meal.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

जल अपच की दवा है. जल चैतन्य निर्माण करता है, यदि उसे भोजन पच जाने के बाद पीते है. पानी को भोजन के बाद तुरंत पीना विष पिने के समान है.

अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम् ।
भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषापहम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 8)

Meaning in English

Knowledge is lost without putting it into practice; a man is lost due to
ignorance; an army is lost without a commander; and a woman is lost
without a husband.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

यदि ज्ञान को उपयोग में ना लाया जाए तो वह खो जाता है. आदमी यदि अज्ञानी है तो खो जाता है. सेनापति के बिना सेना खो जाती है. पति के बिना पत्नी खो जाती है.

हतं ज्ञानं क्रियाहीनं हतश्चाज्ञानतो नरः ।
हतं निर्णायकं सैन्यं स्त्रियो नष्टा ह्यभर्तृकाः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 9)

Meaning in English

A man who encounters the following three is unfortunate; the death of
his wife in his old age, the entrusting of money into the hands of
relatives, and depending upon others for food.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

वृद्धकाले मृता भार्या बन्धुहस्तगतं धनम् ।
भोजनं च पराधीनं तिस्रः पुंसां विडम्बनाः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 10)

Meaning in English

Chanting of the Vedas without making ritualistic sacrifices to the
Supreme Lord through the medium of Agni, and sacrifices not followed by bountiful gifts are futile. Perfection can be achieved only through
devotion (to the Supreme Lord) for devotion is the basis of all success.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

यह बाते बेकार है. वेद मंत्रो का उच्चारण करना लेकिन निहित यज्ञ कर्मो को ना करना. यज्ञ करना लेकिन बाद में लोगो को दान दे कर तृप्त ना करना. पूर्णता तो भक्ति से ही आती है. भक्ति ही सभी सफलताओ का मूल है.

नाग्निहोत्रं विना वेदा न च दानं विना क्रिया ।
न भावेन विना सिद्धिस्तस्माद्भावो हि कारणम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 11)

न देवो विद्यते काष्ठे न पाषाणे न मृण्मये ।
भावे हि विद्यते देवस्तस्माद्भावो हि कारणम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 12)

काष्ठपाषाणधातूनां कृत्वा भावेन सेवनम् ।
श्रद्धया च तथा सिद्धिस्तस्य विष्णुप्रसादतः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 13)

Meaning in English

There is no austerity equal to a balanced mind, and there is no
happiness equal to contentment; there is no disease like covetousness,
and no virtue like mercy.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

एक संयमित मन के समान कोई तप नहीं. संतोष के समान कोई सुख नहीं. लोभ के समान कोई रोग नहीं. दया के समान कोई गुण नहीं.

शान्तितुल्यं तपो नास्ति न सन्तोषात्परं सुखम् ।
अपत्यं च कलत्रं च सतां सङ्गतिरेव च ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 14)

Meaning in English

Anger is a personification of Yama (the demigod of death); thirst is like
the hellish river Vaitarani; knowledge is like a kamadhenu (the cow of
plenty); and contentment is like Nandanavana (the garden of Indra).

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

क्रोध साक्षात् यम है. तृष्णा नरक की और ले जाने वाली वैतरणी है. ज्ञान कामधेनु है. संतोष ही तो नंदनवन है.

गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम् ।
प्रासादशिखरस्थोऽपि काकः किं गरुडायते ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 15)

Meaning in English

Moral excellence is an ornament for personal beauty; righteous
conduct, for high birth; success for learning; and proper spending for
wealth.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

नीति की उत्तमता ही व्यक्ति के सौंदर्य का गहना है. उत्तम आचरण से व्यक्ति उत्तरोत्तर ऊँचे लोक में जाता है. सफलता ही विद्या का आभूषण है. उचित विनियोग ही संपत्ति का गहना है.

निर्गुणस्य हतं रूपं दुःशीलस्य हतं कुलम् ।
असिद्धस्य हता विद्या ह्यभोगेन हतं धनम् ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 16)

Meaning in English

Beauty is spoiled by an immoral nature; noble birth by bad conduct;
learning, without being perfected; and wealth by not being properly
utilised

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

निति भ्रष्ट होने से सुन्दरता का नाश होता है. हीन आचरण से अच्छे कुल का नाश होता है. पूर्णता न आने से विद्या का नाश होता है. उचित विनियोग के बिना धन का नाश होता है

शुद्धं भूमिगतं तोयं शुद्धा नारी पतिव्रता ।
शुचिः क्षेमकरो राजा सन्तोषो ब्राह्मणः शुचिः

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 17)

Meaning in English

Water seeping into the earth is pure; and a devoted wife is pure; the
king who is the benefactor of his people is pure; and pure is the
brahmana who is contented.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

जो जल धरती में समां गया वो शुद्ध है. परिवार को समर्पित पत्नी शुद्ध है. लोगो का कल्याण करने वाला राजा शुद्ध है. वह ब्राह्मण शुद्ध है जो संतुष्ट है.

असन्तुष्टा द्विजा नष्टाः सन्तुष्टाश्च महीभृतः ।
सलज्जा गणिका नष्टा निर्लज्जाश्च कुलाङ्गना ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 18)

Meaning in English

Discontented brahmanas, contented kings, shy prostitutes, and
immodest housewives are ruined.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

असंतुष्ट ब्राह्मण, संतुष्ट राजा, लज्जा रखने वाली वेश्या, कठोर आचरण करने वाली गृहिणी ये सभी लोग विनाश को प्राप्त होते है

किं कुलेन विशालेन विद्याहीनेन देहिनाम् ।
दुष्कुलं चापि विदुषो देवैरपि स पूज्यते ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 19)

Meaning in English

Of what avail is a high birth if a person is destitute of scholarship? A
man who is of low extraction is honoured even by the demigods if he is
learned.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है.

विद्वान्प्रशस्यते लोके विद्वान् सर्वत्र पूज्यते ।
विद्यया लभते सर्वं विद्या सर्वत्र पूज्यते ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 20)

Meaning in English

A learned man is honoured by the people. A learned man commands
respect everywhere for his learning. Indeed, learning is honoured
everywhere.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

विद्वान् व्यक्ति लोगो से सम्मान पाता है. विद्वान् उसकी विद्वत्ता के लिए हर जगह सम्मान पाता है. यह बिलकुल सच है की विद्या हर जगह सम्मानित है.

ऋणकर्ता पिता शत्रुर्माता च व्यभिचारिणी ।
भार्या रूपवती शत्रुः पुत्रः शत्रुरपण्डितः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 21)

Meaning in English

Those who are endowed with beauty and youth and who are born of
noble families are worthless if they have no learning. They are just like the kimshuka blossoms ( flowers of the palasa tree) which, though
beautiful, have no fragrance.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

जो लोग दिखने में सुन्दर है, जवान है, ऊँचे कुल में पैदा हुए है, वो बेकार है यदि उनके पास विद्या नहीं है. वो तो पलाश के फूल के समान है जो दिखते तो अच्छे है पर महकते नहीं.

मांसभक्ष्यैः सुरापानैर्मुखैश्चाक्षरवर्जितैः ।
पशुभिः पुरुषाकारैर्भाराक्रान्ता हि मेदिनी ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 22)

Meaning in English

The earth is encumbered with the weight of the flesh-eaters, winebibblers, dolts and blockheads, who are beasts in the form of men.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

यह धरती उन लोगो के भार से दबी जा रही है, जो मास खाते है, दारू पीते है, बेवकूफ है, वे सब तो आदमी होते हुए पशु ही है.

अन्नहीनो दहेद्राष्ट्रं मन्त्रहीनश्च ऋत्विजः ।
यजमानं दानहीनो नास्ति यज्ञसमो रिपुः ॥

Chanakya Niti (Chap. 8 – Shloka 23)

Meaning in English

There is no enemy like a yajna (sacrifice) which consumes the kingdom
when not attended by feeding on a large scale; consumes the priest
when the chanting is not done properly; and consumes the yajaman (the
responsible person) when the gifts are not made.

भावार्थ हिंदी में (Hindi Meaning)

उस यज्ञ के समान कोई शत्रु नहीं जिसके उपरांत लोगो को बड़े पैमाने पर भोजन ना कराया जाए. ऐसा यज्ञ राज्यों को ख़तम कर देता है. यदि पुरोहित यज्ञ में ठीक से उच्चारण ना करे तो यज्ञ उसे ख़तम कर देता है. और यदि यजमान लोगो को दान एवं भेटवस्तू ना दे तो वह भी यज्ञ द्वारा ख़तम हो जाता है.

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